CISCE 2025 — शानदार बड़ी घोषणा: ICSE & ISC परीक्षा पैटर्न, डेटशीट और रिजल्ट अपडेट
लेखक: Trend Samachar Education Desk | अपडेटेड: 13 नवंबर 2025

नई दिल्ली: CISCE 2025 (Council for the Indian School Certificate Examinations) ने आज ICSE (कक्षा 10) और ISC (कक्षा 12) परीक्षा से जुड़े आवश्यक निर्देश और नया एग्जाम-पैटर्न जारी कर दिया है। यह कदम छात्रों की पढ़ाई को अधिक व्यवहारिक और भविष्योन्मुखी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नीचे हमने पूरा विस्तृत सारांत, डेटशीट के मुख्य बिंदु, मूल्यांकन प्रक्रिया और छात्रों के लिए मददगार निर्देश दिए हैं।
CISCE 2025 — आधिकारिक डेटशीट और महत्वपूर्ण तारीखें
CISCE के अनुसार ICSE 2025 परीक्षाएं 10 फरवरी 2025 से शुरू होंगी और 12 मार्च 2025 तक आयोजित की जाएंगी। वहीँ ISC 2025 परीक्षाएं 3 फरवरी 2025 से लेकर 1 अप्रैल 2025 तक निर्धारित की गई हैं। आधिकारिक डेटशीट और परीक्षा-संबंधी दिशा-निर्देश CISCE की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं — कृपया सिर्फ़ आधिकारिक स्रोत से ही जानकारी लें। (cisce.org)
क्या नया है — CISCE 2025 का एग्जाम पैटर्न
CISCE 2025 में बोर्ड ने शिक्षण-नीति और मूल्यांकन में परिवर्तन करते हुए पेपर में अधिक application-based और case-study प्रश्न शामिल किए हैं। प्राथमिक उद्देश्य छात्रों की रटे हुए उत्तरों की जगह अवधारणात्मक समझ और समस्या-समाधान क्षमता को आँकना है। इस नए पैटर्न में ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव दोनों तरह के प्रश्न मिलकर कुल अंक तय करेंगे।
मार्किंग और रिजल्ट प्रक्रिया
CISCE ने बताया है कि मूल्यांकन अब डिजिटल मनिटरिंग के तहत होगा जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। रिजल्ट की अनुमानित रिलीज़ तिथि 10 मई 2025 तक रखी गयी है। बोर्ड ने छात्र-सुविधा के लिए रिजल्ट की ई-मार्कशीट और offline verification दोनों के विकल्प उपलब्ध कराये हैं।

छात्रों और अभिभावकों के लिए अहम सलाह — CISCE 2025 तैयारी टिप्स
बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्र आधिकारिक डेटशीट के अनुसार एडमिट-कार्ड समय पर डाउनलोड करें और किसी भी अफवाह से बचें। तैयारी के लिए सुझाव इस प्रकार हैं:
- नए पैटर्न के अनुरूप पिछले वर्षों के केस-स्टडी प्रश्नों का अभ्यास करें।
- समय-प्रबंधन और प्रश्न-परक स्ट्रैटेजी विकसित करें — विशेषकर application-based प्रश्नों के लिए।
- मॉक टेस्ट और सेक्शन-वाइज़ टेस्ट लें ताकि गति और शुद्धता दोनों बढ़ें।
CISCE 2025: कोचिंग संस्थान और स्कूल-रोल आउट
कई स्कूलों ने नए पैटर्न के अनुरूप सिलेबस रिव्यू और टीचर-ट्रेनिंग का काम तेज कर दिया है। राज्य और प्राइवेट स्कूलों में CISCE-approved संदर्भ सामग्री के साथ extra practice sessions चलाये जा रहे हैं। बोर्ड ने स्कूलों से आग्रह किया है कि वे गरीब/दूरदराज़ के छात्रों को डिजिटल सहायता उपलब्ध कराएँ ताकि कोई छात्र पिछड़ न जाए।
निष्कर्ष — क्यों जरूरी है CISCE 2025 परिवर्तन?
CISCE 2025 का बदलाव केवल परीक्षा की रूपरेखा बदलना नहीं है — यह शिक्षा के उद्देश्य को व्यवहारिक बनाने का प्रयास है। जहां छात्रों की अवधारणात्मक समझ और आलोचनात्मक सोच पर ज़ोर दिया जा रहा है, वहीं मूल्यांकन में पारदर्शिता और डिजिटल मॉनिटरिंग से भरोसा भी बढ़ेगा। छात्र, अभिभावक और शिक्षण संस्थान मिलकर इस परिवर्तन को सकारात्मक रूप से अपनाएँ तो इसका लाभ बहुत व्यापक होगा।
